June 13, 2021

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Funda of global warming – ग्लोबल वॉर्मिंग का फंडा

हाल ही में भारत और विदेशों में कई अजीबोगरीब घटनाएं घटी हैं। कहीं-कहीं भयानक बारिश और बाढ़, कुछ भयंकर सूखा और कुछ ज्वालामुखी और तूफान थे। ये सब चीजें क्लाइमेट चेंज यानी ग्लोबल वार्मिंग की वजह से हो रही हैं।

जलवायु परिवर्तन क्या है
हम सर्दियों में गर्म और सर्दियों के मौसम में गर्म महसूस करते हैं। यह सब मौसम में बदलाव का प्राकृतिक कारण है। बारिश, धूप, हवा, नमी और तापमान मुख्य तत्व हैं जो इस मौसम को निर्धारित करते हैं। लेकिन कुछ दशकों से यह जलवायु परिवर्तन इतनी तेजी से हो रहा है कि जानवरों और पौधों के लिए इसके साथ तालमेल बिठाना मुश्किल है।
जलवायु परिवर्तन के प्राकृतिक कारण
महाद्वीपों का स्थानांतरण: आज हम जिन महाद्वीपों को देख रहे हैं, वे पृथ्वी की उत्पत्ति से बने हैं। वे समुद्र की लहरों और हवा के प्रवाह के कारण लगातार फिसल रहे हैं। समुद्र की गति से लहरें बनती हैं और समुद्र में हवा का प्रवाह होता है। इससे जलवायु में परिवर्तन होता है।
ज्वालामुखी: जब भी कोई ज्वालामुखी फटता है, तो उसमें से सल्फर डाइऑक्साइड, पानी, धूल और राख के कणों की एक बड़ी मात्रा वातावरण में घुल जाती है। ज्वालामुखी भले ही कुछ दिनों के लिए ही धधकता हो, लेकिन उससे निकलने वाली गैसें वातावरण को लंबे समय तक प्रभावित करती हैं। इनसे निकलने वाली गैस और धूल के कण धूप को रोकते हैं, जिससे तापमान कम हो जाता है।
पृथ्वी का झुकाव: पृथ्वी अपनी कक्षा में 23.5 डिग्री के कोण पर झुकती है। जब इसका झुकाव बदलता है, तो मौसम भी बदल जाता है। अधिक झुकाव का मतलब है अधिक गर्मी और कम झुकाव का मतलब है कम मात्रा में गर्मी और सामान्य सर्दी।
समुद्री लहरें: समुद्र जलवायु परिवर्तन का एक प्रमुख कारण है। समुद्र पृथ्वी के 70 प्रतिशत भाग में फैले हुए हैं। समुद्र सूर्य की किरणों को पृथ्वी की सतह से दोगुना अवशोषित करते हैं। समुद्र की लहरों के माध्यम से पूरी पृथ्वी पर बड़ी मात्रा में गर्मी फैलती है।
मानवीय कारण

वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड जैसी ग्रीनहाउस गैसों की संख्या में वृद्धि जलवायु परिवर्तन का प्रमुख कारण है। इस आधुनिक जीवन शैली का सबसे बड़ा कारण यह है कि हमारी जरूरतों को पूरा करने के लिए नए कारखाने आ रहे हैं, जो हवा, ध्वनि और पानी को प्रदूषित कर रहे हैं। उनका कचरा नालियों के माध्यम से समुद्र में पहुंच जाता है और नदियों में बह जाता है, जिससे जलीय जानवर मर जाते हैं। मोटर वाहन वायु प्रदूषण का कारण बनते हैं। कागज और लकड़ी की आवश्यकता को पूरा करने के लिए पेड़ों को काटा जा रहा है, जिससे ग्रीनहाउस गैसों में वृद्धि हो रही है।

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